चंद्राष्टम — हर महीने के वे ढाई दिन, और पराशर का अष्टकवर्ग नियम
संक्षेप में
चंद्राष्टम वह समय है जब गोचर का चंद्रमा जन्म चंद्र राशि से आठवीं राशि में होता है — हर महीने लगभग सवा दो दिन। परंपरा में इस समय नए काम, यात्रा, बड़े निर्णय और विवाद टाले जाते हैं। बृहत्पाराशर होराशास्त्र (70.21) का नियम अधिक सूक्ष्म है: चंद्रमा के अष्टकवर्ग में जिन राशियों में अंक बहुत कम (शून्य अधिक) हों, वहाँ चंद्रमा के जाने पर शुभ कर्म छोड़ दें।
चंद्राष्टम क्या है?
चंद्रमा लगभग 27.3 दिन में राशिचक्र पूरा करता है, यानी हर राशि में लगभग सवा दो दिन। जब गोचर का चंद्रमा आपकी जन्म चंद्र राशि से आठवीं राशि में होता है, उसे चंद्राष्टम या अष्टम चंद्र कहते हैं। यह हर महीने एक बार आता है।
उदाहरण: जन्म राशि मेष हो, तो चंद्रमा जब वृश्चिक में होगा (मेष से आठवीं राशि), वह आपका चंद्राष्टम है।
परंपरा में चंद्राष्टम क्यों अशुभ?
आठवाँ भाव अचानक घटनाओं, बाधाओं और छिपी परेशानियों का है, और चंद्रमा मन का कारक है (3.12)। मन का आठवें में जाना — परंपरा में यह समय मानसिक अस्थिरता, थकान, ग़लत निर्णय और अनपेक्षित रुकावट का माना जाता है। इसलिए मुहूर्त परंपरा में:
- नए काम की शुरुआत, बड़ा निवेश या अनुबंध टाला जाता है।
- लंबी यात्रा, सर्जरी जैसे बड़े निर्णय (यदि टाल सकें) आगे किए जाते हैं।
- विवाद और कठोर बातचीत से बचा जाता है।
पराशर का अधिक सूक्ष्म नियम
एवं चन्द्राष्टवर्गे च यत्र शून्यं भवेद् बहु ।
तत्र तत्र गते चन्द्रे शुभं कर्मं परित्यजेत् ॥ २१॥अर्थ: इसी प्रकार चंद्रमा के अष्टकवर्ग में जिस-जिस राशि में बहुत शून्य हों (अंक कम हों), वहाँ-वहाँ चंद्रमा के जाने पर शुभ कर्म छोड़ दें।
यह नियम चंद्राष्टम से अधिक व्यक्तिगत है — हर व्यक्ति के लिए "कठिन" राशियाँ अलग हैं। किसी की आठवीं राशि में चंद्रमा के अंक अधिक हो सकते हैं, और किसी दूसरी राशि में बहुत कम।
चन्द्राच्चतुर्थो मातृप्रसादग्रामचिन्तनम् ।
चन्द्रात् सुखफलं पिण्डं वर्द्धयेद् भैश्च सम्भजेत् ॥ २२॥अर्थ: चंद्रमा से चौथे भाव से माता, उनकी कृपा और निवास-स्थान का विचार करें।
व्यवहार में
- अपनी चंद्र राशि जानें, और उससे आठवीं राशि याद रखें।
- पंचांग में देखें कि चंद्रमा उस राशि में कब प्रवेश करता है और कब निकलता है।
- उन ढाई दिनों में बड़े निर्णय टालें, पर रोज़ के काम सामान्य रूप से करें।
- बेहतर: अपने चंद्र अष्टकवर्ग की कम अंक वाली राशियाँ भी देखें (70.21)।
- परंपरा में चंद्राष्टम के दिन शिव-आराधना, "ॐ सोमाय नमः" का जप, और ध्यान मन को स्थिर रखने में सहायक माने जाते हैं।
परामर्श का नियम
परंपरा में ज्योतिषी प्रश्न या मुहूर्त के लिए भी चंद्रमा की स्थिति देखते हैं, क्योंकि प्रश्नकर्ता का मन चंद्रमा से जुड़ा है। अष्टम चंद्र में किया गया प्रश्न अक्सर चिंता से भरा होता है — इसलिए उत्तर देते समय धैर्य रखा जाता है।
अष्टकवर्ग के नियम हमारे लेख अष्टकवर्ग में हैं। अपनी चंद्र राशि और चंद्र अष्टकवर्ग मुफ़्त जन्म पत्रिका में देखें।
पूछे जाने वाले प्रश्न
चंद्राष्टम क्या है?
जब गोचर का चंद्रमा जन्म चंद्र राशि से आठवीं राशि में होता है — हर महीने लगभग सवा दो दिन।
चंद्राष्टम में क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा में नए काम की शुरुआत, बड़ा निवेश या अनुबंध, लंबी यात्रा और विवाद टाले जाते हैं।
पराशर चंद्र गोचर के बारे में क्या कहते हैं?
बृहत्पाराशर होराशास्त्र (70.21) के अनुसार चंद्रमा के अष्टकवर्ग में जिन राशियों में अंक बहुत कम हों, वहाँ चंद्रमा के जाने पर शुभ कर्म छोड़ दें।
मेष राशि वालों का चंद्राष्टम कब होता है?
जब चंद्रमा वृश्चिक राशि में होता है, क्योंकि वृश्चिक मेष से आठवीं राशि है।